कोहरे वाली पहाड़ी लड़की

hindi love stories

एक और शाम बस यूँही तुम्हें देख कर गुजर गयी। हमारे बीच की वो दूरियां बार बार चीख कर कहती रही की तुम जो कभी एक दूसरे के इतने पास थे आज क्या गुजरा की इतनी दूर बैठे हो, और फिर शायद मेरी और तुम्हारी आँखों के जवाब एक न हो पाने की वजह से वो आवाजें शांत हो कर वहीँ किसी कोने में दफ़न हो गयी। वैसे ही जैसे हमारा प्यार उसी कमरे के किसी कोने में आज भी दफ़न होकर अपनी आंखरी साँसे ले रहा है और जब भी हम या शायद मैं अपने न समझ आने वाले काम से फुर्सत लेकर तुमसे मिलता हूँ तो वो धीरे से जिन्दा होकर वहीं हमारे बीच आकर बैठ जाता है। और सुनने की कोशिश करता है की प्यार के बाद भी क्या प्यार संभव है। क्या शाम के बाद और रात के पहले का जो समय हम अपनी मुट्ठी में कैद कर लाये हैं उसमे हमे इश्क़ करने की आज़ादी मिलती भी है या नहीं।

कई बार शब्दों के मतलब न पाने की स्थिति में जब मैं या तुम जो ये अपनी नजरे नीचे झुका लेते है ऐसे में क्या आज भी तुम या मैं एक दूसरे की न कही बाते समझ पाते है या उस दम तोड़ रहे प्यार की तरह हमारी भावनाएं भी एक दूसरे के लिए मर रही है। पर जब मेरी अधूरी बात पर तुम मुस्कुरा देती हो वैसे ही जैसे तुम मुस्कुराती अगर वो बात पूरी हो पाती तो आधी बीती वो शाम जी उठती है हमारे बीच।
पता नहीं तुम्हारी कहानी में मैं कितना अच्छा या बुरा हूँ पर मैं हमेशा कोशिश करता हूँ की जब तुम हमारी इस छोटी सी पर खूबसूरत कहानी को किसी को सुनाओ तो मेरा नाम उस तरह के लोगो में न आये जिसके कारण तुम्हें अपने लिए गए किसी भी फैसले की वजह से सर झुकाना पड़े। बेशक मैं शराफत की मूरत नहीं हूँ पर इस दौर में जब कोई भी भगवान नहीं है और हम सब किसी न किसी की कहानी में एक बुरे इंसान की तौर पर रहते है, मैं हमेशा कोशिश करता हूँ की तुम्हे कम से कम मेरी वजह से कोई परेशानी न हो । यूँ तो तुम इतनी खूबसूरत हो की मैं हमेशा चाहता हूँ की तुम्हारी जिंदगी में कभी कोई तकलीफ न आये पर क्या करूँ होता है न कुछ चीजे हमारे बस में नहीं होती। बस उन्हीं चंद चीजों में से शायद मेरी जिंदगी भी एक है जिसपर सिर्फ मेरा हक़ नहीं है। बहुत सी उमीदों और आशाओं के साथ जी रहा हूँ।
फिर कई बार सोचता भी हूँ की स्वार्थी होकर क्यों न मैं भी सब की तरह बस वो करूँ जो मुझे अच्छा लगे पर फिर लगता है की जब मैं भी औरो की तरह ही हो जाऊंगा तो शायद,…शायद हमारा इश्क़ फीका होने लगेगा, हैं ना। और तुम मुझसे दूर हो जाओगी। मेरे सपने अब सिर्फ मेरे नहीं है ये तुम्हारे भी हो गए है आज देखा था मैंने इन्हे तुम्हारी आँखों में तैरते हुए,., तो लगता है की शायद में सही रास्ते पर हूँ जिस पर चल कर भले ही मैं अपने आज को खो दूंगा पर अपने सपनो के साथ होकर कल सभी को खुश जरूर देख पाउँगा।

इतने दिनों से मेरी कलम मुझसे जैसे रूठ से गयी थी, पर आज जो तुमसे मिला तो लगा खुद से दोबारा मिल आया हूँ, तुम्हारे होठो की छुवन मुझे जीवित कर देती है, तुम्हारे शरीर का स्पर्श मुझे जीवित और जीवंत होने का एहसास करवाता है। शब्द कम पड़ जाते है और कलम लड़खड़ा जाती है जब भी मैं तुम्हे अपनी आँखों में बसे चहरे की तरह लिखने की कोशिश करता हूँ।
आज की शाम बस इतना ही, रात न होती तो बादलों में तुम्हारा चेहरा कुछ देर और चमकता, मेरे लिए। पर, इन काले बादलों के बीच वो पहाड़ी लड़की कही गुम सी हो जाती है जिसे शायद बाहर के अँधेरे से ज्यादा भीतर के अँधेरे से डर लगता है।
अगर दुआ सच में काम करती है तो दुआ करता हूँ की तुम्हारी जिंदगी तुम्हारे सपनो जैसी ही हो जिसमे सबकुछ उन फिल्मों जैसा ही हो जो तुम्हे पसंद है , तुम्हारी ही तरह खूबसूरत और बेदाग़।

Advertisement

तुम्हें लिखता हूँ तो शब्द, भावनाएं और ये रात सबकुछ बिखर सी जाती है कुछ सिमटता है, खुद में तो वो हूँ, मैं, और मेरा टुकड़ो वाला प्यार जिनसे मैं जिन्दा हूँ,.. मेरे सपनो में,…. सिर्फ तुम्हारे साथ,… अपनी तरह,…बिना किसी शर्त के।

मेरी कोहरे वाली पहाड़ी लड़की, ये खत बस तुम्हारे नाम…


कमेंट करके जरूर बताये मेरी ये छोटी सी कहानी कैसी लगी। हमें आपके जवाब का इंतजार रहेगा ।
कभी प्यार किया है अपने तो हमारे साथ अपनी कहानी जरूर शेयर करे कमेंट करके

Advertisement

Leave a Reply